'PM मोदी ने युवा पीढ़ी को साहस और राष्ट्रभक्ति का मार्गदर्शन दिया',वीर बाल दिवस पर प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें
'PM मोदी ने युवा पीढ़ी को साहस और राष्ट्रभक्ति का मार्गदर्शन दिया',वीर बाल दिवस पर प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें
Published : Dec 26, 2025, 4:14 pm IST
Updated : Dec 26, 2025, 4:14 pm IST
SHARE ARTICLE
PM  Modi participates in a programme marking 'Veer Bal Diwas'
PM Modi participates in a programme marking 'Veer Bal Diwas'

पीएम मोदी ने Gen Z और Gen Alpha को विकसित भारत का आधार बताते हुए आत्मनिर्भरता और राष्ट्रहित में योगदान का संदेश दिया।

News Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'वीर बाल दिवस' के मौके पर राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। 9 जनवरी 2022 को गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व के अवसर पर पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा, ताकि साहिबजादों की शहादत को याद किया जा सके, जिनका अद्वितीय बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। (PM  Modi participates in a programme marking 'Veer Bal Diwas' news in hindi) 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने यह संकल्प लिया है कि हमें गुलामी की मानसिकता से मुक्त होना ही होगा। अब हमारे भारतीयों के बलिदान और शौर्य की स्मृतियां दबेंगी नहीं। देश के नायक और नायिकाओं को हाशिये पर नहीं रखा जाएगा, और इसी कारण हम 'वीर बाल दिवस' को पूरे मनोभाव से मना रहे हैं। गुलामी की मानसिकता से मुक्त भारत में हमारी भाषाई विविधता हमारी ताकत बन रही है। उन्होंने कहा, "Gen Z, Gen Alpha… आपकी पीढ़ी ही भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएगी। मैं Gen Z की योग्यता और आपका आत्मविश्वास देखता और समझता हूं, और इसलिए आप पर पूरा भरोसा करता हूं।"

प्रधानमंत्री ने गुलामी वाली सोच से मुक्ति का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "मैकाले द्वारा रची गई साजिश को पूरी तरह से नाकाम करने के लिए केवल दस वर्ष शेष हैं। इन दस वर्षों में हम राष्ट्र को गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त कर देंगे। यह 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प होना चाहिए। जिस क्षण राष्ट्र इस मानसिकता से मुक्त होगा, वह स्वदेशी होने पर और अधिक गर्व महसूस करेगा और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर और भी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा।"

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, "पहले युवा सपने देखने से भी डरते थे, क्योंकि पुराने सिस्टम में यह माहौल बन गया था कि कुछ अच्छा हो ही नहीं सकता। चारों ओर निराशा का वातावरण था। लेकिन आज देश टैलेंट को पहचानता है और उन्हें मंच देता है। डिजिटल इंडिया की सफलता के कारण आपके पास इंटरनेट की ताकत और सीखने के संसाधन उपलब्ध हैं। जो छात्र साइंस, टेक्नोलॉजी या स्टार्टअप्स में आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए स्टार्टअप इंडिया मिशन मौजूद है। ऐसे कई मंच आपको आगे बढ़ाने के लिए हैं। आपको केवल फोकस बनाए रखना है और इसके लिए जरूरी है कि आप शॉर्ट टर्म पॉपुलैरिटी की चमक-धमक में फंसे नहीं। अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत सीमा तक सीमित न रखें; आपका लक्ष्य होना चाहिए कि आपकी सफलता देश की सफलता में बदल जाए।"

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा, "आज देश वीर बाल दिवस मना रहा है। हम उन वीर साहिबजादों को याद कर रहे हैं, जो हमारे भारत का गौरव हैं। ये साहिबजादे भारत के अदम्य साहस, शौर्य और वीरता का प्रतीक हैं। उन्होंने उम्र और अवस्था की सीमाओं को पार कर क्रूर मुगल सल्तनत के सामने ऐसे अडिग खड़े हुए कि मज़हबी कट्टरता और आतंक का वजूद ही हिल गया। जिस राष्ट्र के पास ऐसा गौरवशाली अतीत हो और जिसकी युवा पीढ़ी को ऐसी प्रेरणाएँ विरासत में मिली हों, वह राष्ट्र क्या कुछ नहीं कर सकता।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते चार वर्षों में वीर बाल दिवस की नई परंपरा ने साहिबजादों की प्रेरणाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाया है। वीर बाल दिवस ने साहसी और प्रतिभाशाली युवाओं के लिए एक मंच भी तैयार किया है। हर साल ऐसे बच्चे, जो विभिन्न क्षेत्रों में देश के लिए असाधारण योगदान देते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि साहिबजादा अजीत सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह को अपनी छोटी उम्र में उस समय की सबसे बड़ी सत्ता का सामना करना पड़ा। यह लड़ाई भारत के मूल विचारों और धार्मिक कट्टरता के बीच थी, यह सत्य और असत्य के बीच की लड़ाई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वीर साहिबजादे त्याग के साक्षात अवतार थे। "उस समय एक ओर दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी थे, और दूसरी ओर क्रूर औरंगजेब की हुकूमत। हमारे साहिबजादे उस समय छोटे थे, लेकिन औरंगजेब और उसकी क्रूरता को यह कोई फर्क नहीं पड़ता था। औरंगजेब जानता था कि भारतवासियों को डराकर उनका धर्मांतरण कराना है, इसके लिए उसे उनका मनोबल तोड़ना होगा, और उसने साहिबजादों को निशाना बनाया। लेकिन औरंगजेब और उसके सिपहसालार यह भूल गए थे कि हमारे गुरु साधारण मनुष्य नहीं थे, बल्कि त्याग के साक्षात अवतार थे। वीर साहिबजादों को वही विरासत मिली थी, और इसलिए चारों साहिबजादों के साहस के सामने मुगल बादशाहत टिक नहीं पाई।"

(For more news apart from PM  Modi participates in a programme marking 'Veer Bal Diwas' news in hindi, stay tuned to Rozanaspokesman Hindi) 

SHARE ARTICLE

ROZANASPOKESMAN

Advertisement

 

'हमारा गांव बिकाऊ है' पोस्टर विवाद बढ़ा, SHO के खिलाफ कार्रवाई

03 Jun 2025 5:49 PM

रोती हुई महिला ने निहंग सिंह पर लगाया आरोप बेअदबी, फिरोजपुर जमीन विवाद निहंग सिंह मामला

03 Jun 2025 5:48 PM

पंजाब किंग्स की जीत! मुंबई इंडियंस को हराकर फाइनल में बनाई जगह, अब RCB से होगी बड़ी टक्कर

02 Jun 2025 6:41 PM

Punjab Kings Vs RCB ! सुनें दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाज मोहित शर्मा किसका कर रहे हैं समर्थन

02 Jun 2025 6:39 PM

जेल से बाहर आने के बाद जगदीश भोला का EXCLUSIVE वीडियो

02 Jun 2025 6:37 PM

राजबीर कौर ने बताया कपिल शर्मा और भारती बहुत शरारती हैं, Rajbir kaur Exclusive Interview

02 Jun 2025 6:35 PM