
2024 में, 51 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से केवल 6 में सजा हुई।
128 cases of drug trafficking registered in Punjab in3 years, only 18 punished News In Hindi: पंजाब में नशा तस्करों को सजा मिलने की दर बेहद कम है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन वर्षों में दर्ज किए गए नशीले पदार्थों के मामलों 14.06% दोषियों को ही सजा मिली है। पिछले तीन साल में एनसीबी ने नशीले पदार्थों से संबंधित 128 मामले दर्ज किए, जिनमें से केवल 18 में ही दोषियों को सजा मिली। साल 2022 में, 62 मामले दर्ज किए गए, लेकिन केवल 3 में ही सजा हुई। 2023 में 15 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 9 में सजा हुई।
2024 में, 51 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से केवल 6 में सजा हुई। पंजाब के साथ पाकिस्तान का 500 किलोमीटर का बॉर्डर लगता है और पिछले कुछ समय में बॉर्डर से नशा तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी होती जा रही है। नशा तस्करों का नेटवर्क तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ ही पंजाब पुलिस भी अलर्ट हो गई हैं, लेकिन सजा दर कम होना कहीं न कहीं एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रही हैं। भारत-पाक सीमा से लगे चार राज्यों में राजस्थान के बाद पंजाब में सबसे अधिक नशीले पदार्थ पकड़े गए।
पंजाब सरकार ने युद्ध नशे विरूध अभियान शुरू किया गया है, जिसमें यह चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनसीबी की यह रिपोर्ट राज्यसभा में पेश की है।
पड़ोसी राज्यों में भी सजा की दर कमः
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के पड़ोसी राज्यों में भी सजा की दर कम है। जम्मू और कश्मीर में, 2022 से 2024 तक 54 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से केवल 2 में ही सजा हुई। वहीं, राजस्थान में, इसी अवधि में 69 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 20 में सजा हुई।
इग्स पकड़े जाने में पहले मुंबर पर राजस्थान, दूसरे नंवर पर पंजाब, तीसरे नंबर पर गुजरात और चौथे नंबर पर जम्मू-कश्मीर है.
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